संवाददाता रूपक वर्मा
सूत्रों के अनुसार खबर विस्तार से:- शिक्षा और संस्कार की ओर प्रेरित कर रहा सेवा पखवाड़ा बुराइयों के विरुद्ध वातावरण बना।
पीलीभीत । भारत विकास परिषद शाखा टाइगर रोहिलखंड प्रांत पूर्वी एनसीआर1 द्वारा मनाये जा रहे हैं सेवा पखवाड़ा के 11 वें दिन कंपोजिट विद्यालय चौकी मंसा सिंह, नखासा में नैतिक शिक्षा पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें किशोर पीढ़ी को नैतिक शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया।
भारत विकास परिषद से लक्ष्मीकांत शर्मा,अशोक कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि नैतिक शिक्षा वह प्रक्रिया है जो मनुष्य को सही और गलत का अंतर बताकर संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनाती है।

इसके अंतर्गत बड़ों का सम्मान, सत्य बोलना,ईमानदारी, दया, परोपकार और समाज कल्याण जैसे मानवीय गुण निहित है। इससे चरित्र निर्माण सहानुभूति और समानता का व्यवहार, सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।
परिवार और माता-पिता,विद्यालय और शिक्षक,सत्संग और समाज नैतिक शिक्षण के प्रमुख स्रोत हैं।प्रश्नोत्तरी के माध्यम से बताया गया कि ईमानदारी से लोगों का भरोसा और सम्मान मिलता है,अपने से बड़ो छोटों और सभी का सम्मान करना चाहिए,क्षमा करने से मन का गुस्सा और नफरत खत्म होती है,सच बोलने से मानसिक शांति और समाज में प्रतिष्ठा मिलती है,मुसीबत के समय जो साथ खड़ा रहे वही सच्चा दोस्त है,दूसरों की मदद करने से समाज में एकता बढ़ती है और आत्म संतुष्टि मिलती है, अनुशासन से समय की बचत होती है व लक्ष्य पाना आसान हो जाता है, लालच हमेशा इंसान को नुकसान और असंतोष की ओर ले जाता है,गहरी सांस लेकर स्थान से हट जाने से क्रोध कम होता है।
प्रश्नोत्तरी में अंश यादव,प्रभारी मंजू सिंह प्रश्नोत्तरी की एंकर रही।खड़क सिंह लक्ष्मी कटियार,ममता और रामविलास का कार्यक्रम आयोजन में सहयोग रहा।आयोजित कार्यक्रम से किशोर पीढ़ी में अनैतिकता की भावना प्रेरित करने हेतु शाखा टाइगर के प्रयासों को गति मिली।
