गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की अध्यक्ष हेमलता पटेल ने डिजिटल पोस्टर जारी कर व्यवस्था के खिलाफ बुलंद की आवाज़
पेपर लीक और सोनम वांगचुक के अनशन को कुचलने के विरोध में फतेहपुर से दिल्ली तक बड़े आंदोलन की चेतावनी
निर्मित द्विवेदी गोपाल की स्पेशल रिपोर्ट
फतेहपुर। देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, नीट आदि पेपर लीक महाघोटाले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे प्रख्यात शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
‘गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी (कांग्रेस) व ब्लॉक बहुआ की प्रधान संघ अध्यक्ष हेमलता पटेल ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया है। शनिवार को उन्होंने अपने सभी आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक विशेष डिजिटल पोस्टर जारी कर सरकार के इस रुख के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

ब्यूरो को जारी बयान में पीसीसी सदस्य व महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष हेमलता पटेल ने कहा, “हमारा संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने और नीतियों से असहमति जताने का मौलिक अधिकार देता है। देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़े पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे और शिक्षा सुधारों को लेकर जब कोई शांतिपूर्ण ढंग से सत्याग्रह करता है, तो सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। संवाद स्थापित करने के बजाय दमन चक्र चलाकर आवाज़ को कुचलना अघोषित तानाशाही है।
“सुजानपुर की प्रधान हेमलता पटेल ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “याद रहे कि लोकतंत्र संवाद से मजबूत होता है, दमन की लाठी से नहीं। तंत्र जितना दमन करेगा, हक की आवाज़ उतनी ही तेजी से गूंजेगी।” उन्होंने कहा कि गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक देश के छात्रों और नौजवानों के हक के लिए चट्टान की तरह खड़ी है। यदि शिक्षा व्यवस्था का भ्रष्टाचार तुरंत बंद नहीं हुआ और युवाओं को न्याय नहीं मिला, तो फतेहपुर से राजधानी की सड़कों पर एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेगा,जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
