‘ऑपरेशन दहन’ का बड़ा धमाका: सोलह साल के मादक जखीरे को पुलिस ने किया खाक, नशा माफियाओं में मचा हड़कंप
यमुनानगर में नशे के सिंडिकेट पर कमिश्नरेट का कड़ा प्रहार, चौदह मुकदमों में जब्त गांजा आग के हवाले
लालापुर , प्रयागराज। यमुनानगर जोन में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट ने मंगलवार को बड़ी और प्रतीकात्मक कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ तस्करों को कड़ा संदेश दिया। “ऑपरेशन दहन” के तहत नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एनटीएफ) अपराध शाखा और थाना लालापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने वर्षों से मालखाने में सुरक्षित रखे गए गांजे के जखीरे को नियमानुसार नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद नशे के अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों में बेचैनी देखी जा रही है।

पुलिस अभिलेख बताते हैं कि वर्ष दो हजार छह से दो हजार बाईस के बीच थाना लालापुर में दर्ज चौदह अलग-अलग मुकदमों के दौरान बरामद किए गए उन्नीस किलोग्राम दो सौ बीस ग्राम गांजे को न्यायालय की अनुमति और विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विनष्ट किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत करीब नौ लाख इकसठ हजार रुपये आंकी गई है। सूत्रों के मुताबिक कमिश्नरेट पुलिस अब नशा तस्करों की आर्थिक जड़ों पर प्रहार करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई को विशेष अभियान का रूप दिया गया है, ताकि नशे के कारोबार में लिप्त गिरोहों को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि अवैध कमाई का यह काला नेटवर्क अब ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं है।
पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संपन्न कराई गई। मौके पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, सहायक पुलिस आयुक्त बारा, प्रभारी नारकोटिक्स टास्क फोर्स उपनिरीक्षक सुरेश गिरी, थाना प्रभारी निरीक्षक अनुभव सिंह समेत अन्य अधिकारी और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि यमुनानगर जोन में नशे के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम आने वाले दिनों में और आक्रामक रूप लेगी। तस्करों, सप्लायरों और उनके नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी, जिससे युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।
