
रिपोर्टर: ओमप्रकाश, पुलिस दर्पण
उन्नाव, 5 सितंबर। उन्नाव जिले में लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शुक्रवार को शुक्लागंज और गंगा किनारे बसे कई गांवों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित रहा। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं और लोगों को नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।
बाढ़ से सबसे अधिक असर शुक्लागंज, अढ़ौली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देखा गया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। खेतों में खड़ी फसलें भी पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और राजस्व तथा पुलिस टीमों को लगातार मौके पर तैनात रखा है।
प्रशासन के अनुसार राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और दवाओं की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं ताकि जलजनित बीमारियों को रोका जा सके। पशुपालन विभाग ने भी पशुओं के लिए चारे और उपचार की व्यवस्था शुरू की है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते जलस्तर ने दैनिक जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भी भेजे जाएंगे।
