मार्कण्डेय महादेव धाम: जहाँ श्रद्धा लेकर आते हैं भक्त, और आँखों में आँसू लेकर लौटते हैं घर!
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वाराणसी पुलिस कमिश्नर साहब, एक नज़र इधर भी… कब तक आस्था के नाम पर लुटते रहेंगे भोले-भाले श्रद्धालु?
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वाराणसी (चौबेपुर, कैथी)।
जब देश के प्रधानमंत्री ने अपने शब्दों में मार्कण्डेय महादेव मंदिर की महिमा का बखान किया, तो देश-दुनिया से आने वाले शिवभक्तों का दिल गर्व से भर गया। बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने और पुण्य कमाने की आस में श्रद्धालुओं का ताँता और बढ़ गया। लोग दूर-दूर से, अपने परिवारों के साथ, मन में अगाध श्रद्धा और होठों पर ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष लिए चौबेपुर के कैथी स्थित इस पावन धाम पहुँच रहे हैं।
लेकिन… क्या कोई सोच सकता है कि जिस दरबार से खाली झोली भी भर जाती है, वहाँ से कई बेबस माताएं, बहनें और बुज़ुर्ग अपनी ज़िंदगी भर की कमाई गंवाकर, रोते-बिलखते हुए वापस लौट रहे हैं?
ख़ुशी-ख़ुशी आता है परिवार, रोते हुए जाता है घर
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तस्वीर का दूसरा पहलू बेहद दर्दनाक है। मार्कण्डेय महादेव धाम में इन दिनों ‘चैन कटर गैंग’ का आतंक चरम पर है। यह शातिर गैंग काफी समय से सक्रिय है और जैसे ही कोई श्रद्धालु बाबा की भक्ति में लीन होता है, ये उनकी आस्था और उनके गहनों पर झपट्टा मार देते हैं।
ज़रा सोचिए, एक परिवार कितनी उम्मीदों और ख़ुशी के साथ घर से निकलता है कि बाबा मार्कण्डेय का आशीर्वाद मिलेगा, सब मंगल होगा। लेकिन मंदिर परिसर की भीड़ में अचानक किसी महिला के गले से सोने की चैन साफ हो जाती है। जब तक होश आता है, तब तक सब कुछ उजड़ चुका होता है।
बड़ा सवाल: बाबा के धाम से रोते हुए घर जाती माताओं-बहनों की सिसकियाँ क्या चौबेपुर पुलिस के कानों तक नहीं पहुँचतीं?
लचर व्यवस्था की भेंट चढ़ती आस्था:
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इस बेबसी और ख़ौफ़ के साए में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। आखिर उत्तर प्रदेश पुलिस की जो छवि इतनी सुदृढ़ मानी जाती है, उसे यहाँ की लचर व्यवस्था दागदार क्यों कर रही है?
FIR की फाइलें बढ़ रहीं, पर पुलिस के हाथ खाली!
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पिछले दो सप्ताह की ही बात करें, तो चौबेपुर थाने में ऐसी कई FIR दर्ज कराई जा चुकी हैं। पीड़ित रोते-बिलखते पुलिस के पास पहुँचते हैं, न्याय की गुहार लगाते हैं। लेकिन अफ़सोस! पुलिस की फाइलें तो मोटी हो रही हैं, मगर शातिर चोर और गैंग के आरोपी आज भी पुलिस की पकड़ से कोसों दूर खुलेआम घूम रहे हैं। उनके हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई ख़ौफ़ ही नहीं रहा।
कमिश्नर साहब, अब आप ही न्याय की उम्मीद हैं!
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जब एक आम श्रद्धालु बाबा के दरबार से रोते हुए जाता है, तो वह सिर्फ अपनी संपत्ति नहीं खोता, बल्कि कानून व्यवस्था पर से उसका भरोसा भी उठ जाता है।
वाराणसी पुलिस कमिश्नर साहब, अब कैथी के इस पावन धाम को इन अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए आपके सख्त और त्वरित एक्शन की दरकार है। श्रद्धालु अपनी सुरक्षा की भीख नहीं, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं, ताकि फिर कभी किसी भक्त को बाबा के द्वार से रोते हुए घर न जाना पड़े।
महादेव के भक्तों को अब न्याय का इंतज़ार है!
