तरुण कुमार ब्यूरो चीफ
बरेली । बरेली कॉलेज में बुधवार को समाजवादी छात्र सभा के छात्र नेताओं ने प्रदर्शन किया। करीब 50–60 छात्र नेता प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और घेराव कर वहीं धरने पर बैठ गए। छात्रों ने जमीन पर बैठकर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

इस दौरान छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई।छात्र नेताओं ने कॉलेज में फीस बढ़ोतरी,आजाद हॉस्टल पर ताला लगाए जाने और खेल मैदान में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का विरोध किया। छात्रों का कहना था कि कॉलेज में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर फीस बढ़ने से अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
फीस बढ़ोतरी पर जताई नाराजगी
छात्र नेताओं का कहना था कि बरेली कॉलेज की स्थापना 1837 में हुई थी। यह लंबे समय से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में फीस बढ़ाना छात्र हित में नहीं है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से बढ़ी हुई फीस पर दोबारा विचार कर छात्रों को राहत देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आजाद हॉस्टल का मुद्दा भी उठाया गया। छात्र नेताओं ने हॉस्टल पर ताला लगे होने पर नाराजगी जताई। हॉस्टल परिसर में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा भी लगी है। छात्रों ने कहा कि उनके नाम पर बने हॉस्टल को बंद रखना उचित नहीं है।
प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन ने आजाद हॉस्टल का ताला खुलवा दिया। इसके बाद छात्र नेताओं ने चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
खेल मैदान में राजनीतिक कार्यक्रम का विरोध
छात्र नेताओं ने कॉलेज के खेल मैदान में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का भी विरोध किया। उनका कहना था कि कॉलेज परिसर और खेल मैदान का इस्तेमाल राजनीतिक रैलियों के लिए नहीं होना चाहिए। छात्र सभा ने भाजपा के कार्यक्रम को लेकर भी आपत्ति जताई।
छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच बातचीत और बहस चलती रही।
