अयोध्या । रामनगरी अयोध्या पहुँचे दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम के यहां उनके घर में महा डकैती हो गई है।भगवान राम के आभूषण, उनका हार, उनकी पादुका, उन पे चढ़ाए गए चांदी, सोना, हीरे, जवाहरात, करोड़ों, अरबों रुपए का कैश, और ना जाने क्या-क्या भगवान राम के घर से चोरी हो गया और इस चोरी में बहुत बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं। भगवान राम पे करोड़ों-करोड़ों लोगों की आस्था है।

उन करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। लोग आहत हुए हैं। मैं स्वयं बहुत आहत हुआ। और इसीलिए आज मैं भगवान राम के दर्शन करने के लिए राम मंदिर गया। जिन लोगों ने चोरी की है जो इस महा डकैती में शामिल हैं। बदकिस्मती से उन्हीं को कार्रवाई भी करनी है। जाहिर तौर पर वह अपने कार्रवाई करेंगे नहीं। जाहिर तौर पर वह अपने खिलाफ तो कार्रवाई करेंगे नहीं। तो वह अपने को पूरी पूरी तरह से अपने को बचाने में लगे हुए हैं।
यह जो फर्जी एसआईटी बनी अब कल फर्जी एफआईआर हुई। उस फर्जी एफआईआर में आठ छोटे-छोटे छोटे-छोटे प्यादों को आरोपी शामिल किया गया। कोई बड़े नाम नहीं है। तो फर्जी एफआईआर, फर्जी एसआईटी तो एक तरफ तो इतनी बड़ी महा डकैती हुई और दूसरी तरफ इसमें जितने बड़े-बड़े राक्षस शामिल हैं उनको बचाने की कोशिश की जा रही है यह एक तरह से सभी हिंदुओं के जले पर नमक छिड़कने वाली बात है।
लोगों का कहना है कि उन्हें तब तक उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी जब तक इन चोरी करने वाले लोगों को बड़े-बड़े लोगों को सरेआम फांसी की सजा नहीं दी जाएगी। मैं आपको दो उदाहरण देता हूं यह दिखाने के लिए कि किस तरह से लोगों के विश्वास के सिंधी एसोसिएशन ने 26 जनवरी 2021 को 200 किलो चांटी तरह से लोगों के विश्वास को ठेस पहुंची है।
सिंधी एसोसिएशन ने 26 जनवरी 2021 को 200 किलो चांदी दान में दी उन्होंने दान दी। उन्हें रसीद नहीं मिली। उन्होंने रसीद की जिद भी नहीं की। उन्हें पूरा यकीन था कि भगवान के यहां चंदा चढ़ा रहे हैं।
इसमें रसीद की क्या जरूरत है? बहुत लोग जाते हैं भगवान के यहां चंदा चढ़ाते हैं। रसीद कौन मांगता है? 5 साल हो गए उन्होंने कभी रसीद की जिद नहीं की लेकिन अब जब उन्होंने यह सारा मामला अखबारों में पढ़ा और मीडिया में देखा तो उनकी भी रूह कांप गई। अब वह पूछ रहे हैं कि हमारी 200 किलो चांदी कहां गई? उनका विश्वास डगमगा गया।
भगवान राम पर उनकी अटूट श्रद्धा है। लेकिन मंदिर को चलाने वाले और उनके ऊपर के आकाओं के ऊपर उनका विश्वास डगमग हो गया।
