संवाददाता प्रिंस गुप्ता
मंडल प्रभारी पुलिस दर्पण
भदोही। सुन्दरवन स्थित श्री रामजानकी मंदिर परिसर में बुधवार को जल संरक्षण को लेकर ‘जल चौपाल’ का आयोजन किया गया। लीगल राइट्स कॉन्सिल इंटरनेशनल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर की पीठाधीश्वर गुरु मां राजलक्ष्मी मंदा ने की। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह अस्वस्थ होने के कारण ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और अपना संदेश व आशीर्वाद दिया। उन्होंने जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया।
जल चौपाल को वाटर मैन ऑफ इंडिया पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, कशीनरेश विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. उमा श्रीवास्तव, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलपति शिशिर कुमार पांडेय और उत्तर प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने जल संकट, जल स्रोतों के संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने पर अपने विचार रखे।
इस मौके पर गुरु मां राजलक्ष्मी मंदा ने कहा कि जल स्वर्ण से भी अधिक मूल्यवान है। जल को बचाया जा सकता है, लेकिन बनाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के संयोजक मनीष पांडेय ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और पानी की बर्बादी रोकने का संकल्प लिया गया।
