संवाददाता प्रिंस गुप्ता
मंडल प्रभारी पुलिस दर्पण
भदोही। सावन की फुहारों के साथ त्योहारों की रौनक बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार त्योहारों की मिठास पर महंगाई का असर पड़ता दिख रहा है। चीनी के दाम में अचानक तेज उछाल ने भदोही के आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई हिस्सों में चीनी का खुदरा भाव 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पिछले करीब 20 दिनों में कीमत में लगभग 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

भदोही में रक्षाबंधन से लेकर जन्माष्टमी, गणेश उत्सव और इसके बाद आने वाले दशहरा-दीपावली जैसे त्योहारों को देखते हुए चीनी की मांग बढ़ने वाली है। ऐसे में बढ़े हुए भाव का सीधा असर घर की रसोई से लेकर मिठाई की दुकानों तक पड़ने की आशंका है।
45 रुपये की चीनी 65 रुपये तक पहुंची
कुछ समय पहले तक करीब 45 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब कई बाजारों में 65 रुपये किलो तक पहुंच गई है। थोक बाजार में भी तेजी देखी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार एक्स-फैक्ट्री कीमत 5400 रुपये प्रति क्विंटल के पार और थोक भाव करीब 5800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की बात सामने आई है।
भदोही में मिठाई कारोबार पर भी असर की आशंका
त्योहारों के मौसम में मिठाई की बिक्री बढ़ती है। लड्डू, पेड़ा, बर्फी, गुलाब जामुन, जलेबी और अन्य मिठाइयों में चीनी की बड़ी खपत होती है। चीनी महंगी होने से मिठाई बनाने की लागत बढ़ेगी और इसका असर आगे चलकर मिठाइयों की कीमत पर भी पड़ सकता है।
भदोही के लोगों के लिए चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि त्योहारों के दौरान घरों में खीर, हलवा, मिठाई और दूसरे पकवानों की खपत बढ़ जाती है। यानी चीनी की कीमत बढ़ने का असर सीधे हर घर के मासिक बजट पर पड़ना तय माना जा रहा है।
गन्ने की उपलब्धता और सप्लाई पर असर
बाजार में तेजी के पीछे चीनी की उपलब्धता में कमी, गन्ने के उत्पादन पर असर और बढ़ती मांग को प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल और त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग को भी कीमतों में तेजी से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार ने स्टॉक पर कसी लगाम
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने चीनी की स्टॉक लिमिट को लेकर भी सख्ती की है, ताकि जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे।
कुल मिलाकर भदोही में त्योहारों की तैयारी के बीच चीनी की बढ़ती कीमत ने आम परिवारों का गणित बिगाड़ दिया है। पहले से महंगे आटा, दाल, तेल और सब्जियों के बीच अब चीनी भी जेब पर भारी पड़ने लगी है। ऐसे में लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम नीचे आते हैं या त्योहारों के साथ महंगाई की यह मिठास और कड़वी होती है।
