प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधियों, डीएम गजल भारद्वाज व एसपी शशांक सिंह की मौजूदगी में निकली भव्य शोभायात्रा
ब्यूरो, पुलिस दर्पण | महोबा
बुंदेलखंड की गौरवशाली लोक संस्कृति, ऐतिहासिक परंपरा और वीरता के प्रतीक ऐतिहासिक कजली मेला का भव्य शुभारंभ महोबा में गरिमामयी वातावरण के बीच हुआ। उद्घाटन अवसर पर महोबा के प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी गजल भारद्वाज तथा पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

ऐतिहासिक महोबा की धरती पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा मेले का प्रमुख आकर्षण रही। शोभायात्रा में आकर्षक एवं मनमोहक झांकियों के साथ बैंड की मधुर धुन, ढोल-नगाड़ों की गूंज तथा सुसज्जित हाथी, घोड़े और ऊंट शामिल रहे। पूरे वातावरण में बुंदेलखंड की वीरगाथाओं की झलक दिखाई दी। झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वीर योद्धाओं आल्हा-ऊदल की शौर्यगाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
कजली मेला केवल मनोरंजन अथवा धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुंदेलखंड की लोक संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, वीरता, परंपराओं और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक माना जाता है। शोभायात्रा में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं और दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों ने मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर शोभायात्रा का आनंद लिया।
मेले एवं शोभायात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए महोबा पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की। प्रमुख मार्गों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
कजली मेले के शुभारंभ ने महोबा में परंपरा, संस्कृति और वीरता की गौरवशाली तस्वीर प्रस्तुत की। परंपरा का गौरव, शौर्य की गूंज और जनमानस का उत्साह—कजली मेला महोबा की विशिष्ट पहचान को और मजबूत करता नजर आया।

