
आगरा जिला ब्यूरो चीफ नरेश कुमार की रिपोर्ट
20 सितंबर तक निस्तारण की मांग, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 21 को लखनऊ में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देने की चेतावनी
आगरा। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ, संबद्ध भारतीय मजदूर संघ एवं भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ ने रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के आगरा क्षेत्र से संबंधित अधिकारियों को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर मांगों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग की गई है। संघ ने समस्याओं का समाधान 20 सितंबर 2026 तक किए जाने की मांग की है। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर 21 सितंबर को लखनऊ स्थित परिवहन निगम मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया गया है।

संघ पदाधिकारियों के अनुसार विभिन्न राज्यों के परिवहन कर्मचारी प्रतिनिधियों की बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया था। इसमें प्रथम चरण में संबंधित राज्यों के परिवहन मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में आगरा क्षेत्र के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा।
संविदा कर्मियों के लिए सेवा नियमावली और नियमितीकरण
संघ ने संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली लागू करने, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष संविदा कर्मियों को नियमित करने तथा मृतक आश्रितों को क्षेत्रीय स्तर पर नियुक्ति दिए जाने की मांग की है। संविदा कर्मचारियों को ईपीएफ के साथ ईएसआई की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है।

संविदा चालकों का मानदेय 30 हजार करने की मांग
संघ ने संविदा चालकों का न्यूनतम मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मानदेय बढ़ने से पर्याप्त संख्या में संविदा चालक उपलब्ध हो सकेंगे और चालकों की कमी के कारण कार्यशालाओं में खड़ी बसों का संचालन कराया जा सकेगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी संविदा पर लगाने की मांग
सेवानिवृत्त कार्मिकों को संविदा पर आबद्ध करने की मांग भी की गई है। संघ ने इसके लिए अधिकारियों की तर्ज पर सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त ग्रेड वेतन का 10 गुना न्यूनतम मानदेय निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा है। संगठन के अनुसार इससे अनुभवी एवं योग्य कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकेंगी और स्टाफ की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
महंगाई भत्ता और वेतन संबंधी मांगें
नियमित कर्मचारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता देने तथा पूर्व में स्वीकृत महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का भुगतान देय तिथि से करने की मांग की गई है। संविदा कर्मचारियों के मानदेय में महंगाई के आधार पर समय-समय पर वृद्धि करने की भी मांग है।
संघ ने छठा वेतनमान एक जनवरी 2006 से लागू करने तथा छठे और सातवें वेतनमान की अवशेष धनराशि का भुगतान कराने की मांग भी उठाई है।
ई-चालान और डीजल औसत के नाम पर कटौती बंद करने की मांग
कर्मचारी संघ ने चालक-परिचालकों के वेतन से ई-चालान, डीजल औसत, लोड फैक्टर आदि के नाम पर की जा रही कटौती बंद करने की मांग की है। संगठन ने इसे कर्मचारियों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा और बोनस
कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अधिकारियों को राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा बोनस एक्ट-1965 के तहत दीपावली से पहले सभी पात्र कर्मचारियों को बोनस का भुगतान करने की मांग भी रखी गई है।
रात्रि विश्राम और यात्रा भत्ता बढ़ाने की मांग
चालक-परिचालकों को मिलने वाले रात्रि विश्राम भत्ते की दरों का पुनर्निर्धारण करने तथा यात्रा भत्ते की दरों को सातवें वेतनमान के तहत राज्य कर्मचारियों को अनुमन्य दरों के समान पुनरीक्षित करने की मांग की गई है।
अवैध संचालन पर रोक और अतिरिक्त कर में बदलाव
संघ ने परिवहन निगम की बसों के अतिरिक्त कर को निजी वाहनों के बराबर निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही अवैध बस संचालन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग करते हुए कहा गया है कि इससे निगम और राज्य सरकार के राजस्व को होने वाली कथित क्षति को रोका जा सकता है।
रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ की मान्यता की समीक्षा की मांग
मांगपत्र में उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ को दी गई मान्यता की समीक्षा करने की मांग भी शामिल है। संघ का कहना है कि यदि मान्यता निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जाती है तो उसे समाप्त किया जाना चाहिए। संगठन के अनुसार यह मुद्दा पूर्व में भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जा चुका है।
उत्पीड़न और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग
संघ ने अपने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के विभिन्न क्षेत्रों में कथित उत्पीड़न को बंद कराने तथा पूर्व में की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है। मांगपत्र में झांसी, चित्रकूट-बांदा, हरदोई, बरेली, वाराणसी और इटावा क्षेत्र का विशेष उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा अधिकारियों के भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। संघ का दावा है कि कुछ मामलों में पदाधिकारियों द्वारा शपथ-पत्र उपलब्ध कराए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों की छवि धूमिल करने के लिए अन्य संगठनों के साथ कथित षड्यंत्र करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की है।
कर्मचारी संघ ने शासन और परिवहन निगम प्रबंधन से सभी 17 सूत्रीय मांगों पर 20 सितंबर तक सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 21 सितंबर 2026 को लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में रोडवेज कर्मचारी शामिल होंगे।
