
संवाददाता प्रिंस गुप्ता, भदोही
भदोही। भदोही नगर के विवेकानंद चौराहा के पास स्थित आनंद पैलेस में महिला जागरूक मंच भदोही की ओर से तीज महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधान, लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से भारतीय सभ्यता एवं लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की। तीज महोत्सव के दौरान उत्साह और उमंग का ऐसा माहौल रहा कि पूरा आयोजन पारंपरिक रंगों से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम का आयोजन महिला जागरूक मंच की संस्थापिका एवं संरक्षिका संगीता खन्ना तथा अध्यक्ष पूनम मौर्या के नेतृत्व में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वाइस चांसलर उमा श्रीवास्तव मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता उसकी विविधता और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने की परंपरा है।
तीज जैसे पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत भी जीवंत रहती है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है तथा आपसी मेल-जोल और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में पर्व और त्योहार सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इनके माध्यम से परिवार और समाज के लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं। तीज भी ऐसा ही पर्व है, जिसमें आस्था, परंपरा, प्रकृति, श्रृंगार और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलता है। आधुनिक जीवनशैली के बीच ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जा सकता है।
महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। लोक संस्कृति को जीवंत करते हुए राहुल ने कजरी लोकगीत “मिर्जापुर कैला गुलजार हो, कचौड़ी गली सुन काइल बलमू” प्रस्तुत किया। कजरी की मधुर धुन और लोकगीत के शब्दों ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद महिलाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रस्तुति समाप्त होते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम में महिलाओं ने तीज के पारंपरिक परिधान पहनकर भारतीय नारी की सांस्कृतिक छवि को भी प्रस्तुत किया। हरे रंग के परिधान, श्रृंगार और पारंपरिक अंदाज ने आयोजन की खूबसूरती बढ़ा दी। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ तीज की खुशियां साझा कीं और लोक परंपराओं से जुड़े गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महोत्सव में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवानों के स्टॉल भी लगाए गए। महिलाओं ने घरों में तैयार किए जाने वाले पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और एक-दूसरे के साथ खान-पान की संस्कृति भी साझा की। आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ खान-पान और मेल-मिलाप ने कार्यक्रम को पारिवारिक उत्सव का रूप दे दिया।
आयोजकों ने कहा कि महिला जागरूक मंच का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा उनकी प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। तीज महोत्सव इसी उद्देश्य की एक कड़ी है। मंच के माध्यम से महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
महोत्सव में अलका बरनवाल, अर्चना गुप्ता, बबली मौर्य, कनक जायसवाल, जागृति मौर्य, सीमा खत्री, पूनम खत्री, मीरा बरनवाल, राधिका बरनवाल, रेनू चौधरी, पल्लवी धवन, आरती सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनीता यादव, अरुणा गुप्ता, आईआईसीटी की अलका श्रीवास्तव, सुधा बरनवाल सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं।
